हिंदी पर विचार...

हिंदी फिलहाल हमारा कोई शैक्षिक विषय तो नहीं,किंतु साहित्यिक जुड़ाव भलीभांति और अपने चरम पर है...

हमारा भाषाओं को सीखने का शौक तो काफी पुराना है,लेकिन जब हम स्वयं को स्वयं में मंथन करते हैं तो पाते हैं कि वो तो औरों के लिए है....खुद के लिए क्या है फिर? वो हिंदी है!!!,जिससे लगता है कि खुद के लिए भी कर रहा हूं कुछ कुछ औरों के साथ साथ....✍️
        ~उदय'अपराजित💥

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