2022 के लिए प्रेम पत्र...

वर्ष 2022,मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं है,कोई गिला नहीं रहा,कोई शिकवा नहीं रहा....
तुमने हमें बहुत कुछ दिया,और एक अंतराल बाद किसी और को सौंपकर नियमानुस्वरूप चले जा रहे हो!
वैसे जिसे सौंप रहे हो,वो भी हमारा ही है...पर जो भी स्नेह,माइलस्टोंस,अचीवमेंट्स,चीजों का आना जाना,खोना पाना...तुमसे मिला...शायद ही कोई इतने अपनेपन से किसी के लिए कुछ कर पाता हो...
गिरना,लड़खड़ाना,और तुम्हारा हमें संभाल लेना,बिना हमें बताए हुए,और हमें लगना कि हमने कर दिखाया...वास्तव में वो तुम ही थे...
वो तुम ही थे जिसके दौर में....
 चीजों का आना ज्यादा देखा है,जाने से भी ज्यादा देखा है....
 और शिकायत हो भी तो क्यों न हो,आखिर हो तो तुम हमारे ही अब भी....और शिकायत तो अपनों से ही होती हैं...
 पर अबकी आना तो और अनुभव से,और अधिक मंझे हुए भावों से वर्ष को जीने की कोशिश करूंगा...
 कि २०२३ को तुमसे कोई शिकायत न रह जाए, कि "किसके हाथों सौंप दिया था...!"ऐसा कहना न हो जाए,तुम्हारी इन उम्मीदों पे खरे उतरने के लिए प्रयासरत रहूंगा.…!
कोशिश रहेगी कि २०२३ को किसी प्रकार की उदासी न दूं ठीक वैसे ही जैसे हर दौर में तुमने हमारे चेहरे की मुस्कान नहीं जाने दी!!!
 कोशिश रहेगी कि उसे जीऊं और बेहतरी से,जो जो तुमने सिखाया...
लिखने को तो बहुत कुछ है तुम्हारे लिए २०२२,पर अब तुम्हारे नाम इस खुले प्रेम पत्र के शब्दों पर पूर्ण विराम लगाते हुए स्नेह पूर्ण अलविदा कहना चाहता हूं...!
अलविदा मित्र❤️
 ~उदयराज सिंह'अपराजित🥀

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