Not any Dream,Only Target...
EconomicalEngineer'23
University of Lucknow👨🎓
Author:Economy,GeoPolitics,International Relⁿs,Religiology,Spirituality,Indianism,Governance & Love❣️
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1.मुझे तुमसे प्रेम नहीं है...hnn.. मुझे तुमसे प्रेम नहीं है!!! मुझे उससे प्रेम है,जो हमारे हृदय में रहता है।। और हां तुम हमारे हृदय में रहती हो...✍️❣️ ~उदय'अपराजित 2.सुनो, जब तुम चेहरा मासूमियत वाला बनाती हो,तो और भी ज्यादा शरारती लगती हो... जब तुम बालों में सफेद पट्टे वाला हैरबैंड लगाती हो... एकदम दिव्य भारती लगती हो...✍️🌝 ~उदय❣️ 3. अक्सर ही पूछती है,आखिर किसको सोचकर लिख लेते हो तुम ये इतनी गहरी कविताएं... मैं हमेशा ही उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा देता हूं हमेशा की तरह...✍️ ~उदय'अपराजित💥 वो अक्सर ही पूछती है,आखिर किसको सोचकर लिख लेते हो तुम ये इ...
तुम्हें पता है...? जब भी पूरा चंद्रमा देखता हूं,तो क्यों इतना भाता है...? दिल्ली की तंग गलियों में तेरे हाथों में अपना हांथ याद आता है... खौलती चाय,और हर चाय के बाद,मैरून कत्थे वाला पान... और वो दिलकश नजारे... तुम्हें पता है ना..? तुम्हारी पसंद की प्लेन वाली शर्ट और मेरे पसंद का तेरा झुमका... वैसे झुमके तो सारे ही अच्छे लगते हैं तुझपर... पर फिर भी,माथे की छोटी से बिंदी और तेरे बालों का दाईं ओर से बाईं आंख से होते हुए गालों से उतर जाना... हाययय.... बस...याद आता है... याद आती हैं तेरी हर वो अठखेलियां... याद हैं तेरी सारी पहेलियां... तुम्हें पता है...ना....? सब याद है.... बस,नहीं याद है तो बेफिजूल में ही लंबे रास्ते लेकर
Yes, you will always 🥀
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